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    Home»छत्तीसगढ़»डॉ संजय गुप्ता प्राचार्य, इंडस पब्लिक स्कूल दीपका ने नई शिक्षा नीति पर व्यक्त किए अपने महत्वपूर्ण विचार
    छत्तीसगढ़

    डॉ संजय गुप्ता प्राचार्य, इंडस पब्लिक स्कूल दीपका ने नई शिक्षा नीति पर व्यक्त किए अपने महत्वपूर्ण विचार

    Korba RatanBy Korba RatanJanuary 11, 2026
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    डॉ संजय गुप्ता प्राचार्य, इंडस पब्लिक स्कूल दीपका ने नई शिक्षा नीति पर व्यक्त किए अपने महत्वपूर्ण विचार

    मौजूदा सत्र से प्रत्येक विद्यालय को नई शिक्षा नीति लागू करना होगा:- डॉक्टर संजय गुप्ता

    अब नर्सरी, एलकेजी, या यूकेजी से नहीं बल्कि बालवाड़ी के नाम से जाना जाएगा शिक्षा की शुरुआती पायदान को- डॉक्टर संजय गुप्ता

    सरकार के आदेशानुसार मौजूदा सत्र से प्रत्येक विद्यालय को नई शिक्षा नीति लागू करने हेतु बाध्य होना होगा- डॉक्टर संजय गुप्ता

     

    कोरबा / छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस. News नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली को समग्र, लचीला और छात्र-केंद्रित बनाना है, जो 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करे; यह मातृभाषा में शिक्षा, रटने के बजाय समझ पर जोर, 5+3+3+4 की नई संरचना, व्यावसायिक शिक्षा और प्रौद्योगिकी के उपयोग जैसे बदलावों के साथ, भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे शिक्षा बोझिल न होकर आनंददायक और व्यावहारिक बनेगी। भारत की नई शिक्षा नीति (NEP) 2020, 34 साल पुरानी 1986 की नीति का स्थान लेती है, जिसका लक्ष्य देश की शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव लाना है ताकि यह भारतीय मूल्यों में निहित हो और सभी को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर सके।

     

    नई शिक्षा नीति का मुख्य लक्ष्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान देकर बौद्धिक रूप से मजबूत बनाना है, जिससे वे देश की प्रगति में योगदान दे सकें और एक जीवंत ज्ञान-आधारित समाज का निर्माण हो सके।
    *डॉक्टर संजय गुप्ता* ने बताया कि गौरतलब है किस वर्ष से छत्तीसगढ़ शासन ने भी नई शिक्षा नीति को प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य रूप से लागू करने का फरमान जारी कर दिया है। प्रत्येक विद्यालय प्रशासन को प्रत्येक स्थिति में नई शिक्षा नीति को लागू करना ही होगा। यहां यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि अब नर्सरी कक्षा को बच्चों की शुरुआती शिक्षा हेतु नर्सरी नहीं बल्कि बा लवाड़ी के नाम से जाना जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक राज्य में एक अनिवार्य मातृभाषा होगी ।जिससे बच्चे उसे राज्य की परंपरा, वेशभूषा, बोली एवं भाषा के साथ सामंजस्य स्थापित कर सके और अपनी संस्कृति की अस्मिता को बरकरार रख सके।
    इस नीति के तहत विद्यालय में पढ़ने वाले शिक्षक एवं शिक्षिका भी बच्चों के साथ बच्चे बनाकर खेल-खेल में सीखने का प्रयास करेंगे उद्देश्य है कि किसी भी स्थिति में बच्चों का बचपन उससे दूर ना हो इसका विशेष ख्याल रखा जाएगा। बच्चों को पढ़ाई बोझ ना लगे बल्कि मनोरंजन के साथ बच्चे सीखें इस शिक्षा नीति का यह विशेष उद्देश्य है। शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता का सामंजस्य एवं विज्ञान के सामंजस्य से शिक्षा को एक नहीं ऊंचाइयों पर पहुंचना इस शिक्षा नीति का उद्देश्य है। भाभी तेरी न सिर्फ शिक्षित हो अपितु अपने ज्ञान कौशल के बलबूते सतत नहीं ऊंचाइयों को स्पर्श करता रहे एवं राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देता रहे या इस शिक्षा नीति का उद्देश्य है।
    नई शिक्षा नीति (NEP 2020) का मुख्य उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली को समावेशी, समग्र और 21वीं सदी की ज़रूरतों के अनुरूप बनाना है, जिसमें रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और व्यावसायिक कौशल पर ज़ोर, स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, प्रौद्योगिकी का एकीकरण और आजीवन सीखने को बढ़ावा देना शामिल है, ताकि सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और कौशल-आधारित शिक्षा मिले और वे रोजगारपरक बनें। इसका उद्देश्य छात्रों में 21वीं सदी के कौशल जैसे रचनात्मकता, समस्या-समाधान और आलोचनात्मक सोच विकसित करना और कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा को एकीकृत करना है साथ ही शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर, जीवन कौशल और व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करना है।डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा या स्थानीय भाषाओं के उपयोग पर ज़ोर देना है।शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं में प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच सुनिश्चित करना साथ ही
    बोर्ड परीक्षाओं में सुधारकर बोर्ड परीक्षाओं के दबाव को कम करना और समझ-आधारित मूल्यांकन को बढ़ावा देना है।

    Korba Ratan
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